उत्तराखण्ड
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड ने विकास की नई ऊंचाइयां हासिल की : मुख्यमंत्री।

संवादसूत्र देहरादून। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और उत्तराखण्ड दोनों ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। मुख्यमंत्री शनिवार को मसूरी रोड स्थित एक होटल में आयोजित ‘दैनिक जागरण संवादी’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आजाद भारत के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें जनादेश के आधार पर सर्वाधिक समय तक देश की सेवा करने का अवसर मिला है। उनके नेतृत्व में देश ने ज्ञान, विज्ञान, शिक्षा, चिकित्सा, खेल और तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल की हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड भी तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। डबल इंजन सरकार विकास और जनकल्याण की पहचान बन चुकी है। प्रधानमंत्री के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद वे 28 बार देवभूमि उत्तराखण्ड का दौरा कर चुके हैं। सीमांत क्षेत्रों के विकास को नई दिशा देते हुए उन्होंने माणा गांव से देश को संदेश दिया था कि सीमावर्ती गांव देश के अंतिम नहीं बल्कि प्रथम गांव हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के समग्र विकास के लिए अनेक अभिनव पहल की हैं। प्रदेश में 2.65 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जबकि माणा गांव की सभी महिलाएं इस श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की गई, जिससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नया बल मिला है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड ने राष्ट्रीय खेलों और जी-20 जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों की सफल मेजबानी कर अपनी क्षमता का परिचय दिया है। राज्य में आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं तथा तीर्थाटन और पर्यटन गतिविधियों से लोगों की आय में वृद्धि हुई है। पिछले तीन वर्षों में 23 करोड़ से अधिक पर्यटक और श्रद्धालु उत्तराखण्ड पहुंचे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य होने के बावजूद उत्तराखण्ड ने विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं का प्रभावी ढंग से सामना किया है। राज्य सरकार ने जनजीवन को शीघ्र सामान्य बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं, जिनकी वैश्विक स्तर पर भी सराहना हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में राज्य सरकार ने जनभावनाओं के अनुरूप कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला स्वतंत्र भारत का पहला राज्य बना है। युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया उपलब्ध कराने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया। इसके परिणामस्वरूप पिछले पांच वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।
उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के कारण उत्तराखण्ड ने विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है और राज्य विकास के नए मानक गढ़ रहा है।




