उत्तराखण्ड
राज्य में एसआईआर अभियान के तहत 99 फीसदी गणना फॉर्म डिजिटाइज, 15 सितंबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची।

संवादसूत्र देहरादून: उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता गणना फॉर्मों के डिजिटाइजेशन का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने शनिवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि राज्य में 99 प्रतिशत से अधिक गणना फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर 8 जून से 7 जुलाई तक चल रहे अभियान के तहत प्रदेश के 79 लाख 60 हजार 762 मतदाताओं में से 71 लाख 16 हजार 650 मतदाताओं के गणना फॉर्म डिजिटाइज किए गए हैं। वहीं 8 लाख 41 हजार 20 मतदाता ‘अनकलेक्टेड’ श्रेणी में हैं, जिनमें मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित, पहले से पंजीकृत और अनुपस्थित मतदाता शामिल हैं। इस प्रकार कुल 79 लाख 57 हजार 670 मतदाताओं का डेटा और फॉर्म डिजिटाइज कर लिया गया है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 14 जुलाई को मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट रोल) प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। इनका निस्तारण 11 सितंबर तक किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर 2026 को प्रकाशित होगी।
उन्होंने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से एसआईआर अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए प्रत्येक मतदान केंद्र पर बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 11,733 मतदान केंद्रों के सापेक्ष विभिन्न राजनीतिक दलों ने अब तक 23,102 बीएलए नियुक्त किए हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी ने 11,504 और कांग्रेस ने 11,105 बीएलए तैनात किए हैं, जबकि सीपीआई (एम) ने 378, बहुजन समाज पार्टी ने 115 बीएलए नियुक्त किए हैं। आम आदमी पार्टी ने अब तक कोई बीएलए नियुक्त नहीं किया है।




