उत्तराखण्ड
कैबिनेट के बड़े फैसले: पूर्ण साक्षर राज्य बनेगा उत्तराखंड, चारधाम यात्रा के घोड़े-खच्चरों के बीमा में सरकार देगी सहायता।

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में जनहित, शिक्षा, पर्यटन, पशुपालन, स्वास्थ्य और कारागार प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने प्रदेश में गौवंशीय पशुओं की नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए भ्रूण प्रत्यारोपण आधारित पायलट परियोजना को स्वीकृति प्रदान की। वहीं चारधाम यात्रा मार्गों पर संचालित घोड़े-खच्चरों के बीमा प्रीमियम का 20 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई गई।
राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के लाभ से संबंधित भर्ती परीक्षाओं में दस्तावेज सत्यापन के दौरान आरक्षण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने का एकमुश्त अवसर देने का निर्णय भी लिया गया।
मध्य पूर्व में युद्ध के कारण बढ़ी बिटुमिन की कीमतों को देखते हुए लोक निर्माण विभाग के बिटुमिन कार्यों में सीमित अवधि के लिए मूल्य समायोजन (प्राइस एडजस्टमेंट) की अनुमति प्रदान की गई। साथ ही त्रिवर्षीय आबकारी नीति में तकनीकी संशोधनों को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र में अत्याधुनिक एएमएस मशीन के संचालन के लिए पांच विशेषज्ञ पद सृजित करने की स्वीकृति दी। यह मशीन प्राकृतिक और सिंथेटिक उत्पादों की प्रमाणिकता जांचकर निर्यात को बढ़ावा देने में मदद करेगी।
प्रदेश में पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली के आयोजन हेतु संस्था का चयन एकल स्रोत के माध्यम से किए जाने को भी मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल ने उपनल कार्मिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन संबंधी पात्रता तिथि में संशोधन, उत्तराखंड कारागार (संशोधन) नियमावली-2026, कारापाल अधीनस्थ सेवा नियमावली-2026 तथा उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली-2026 को भी स्वीकृति प्रदान की।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। इसके अलावा राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) के तहत विभिन्न अस्पतालों के लंबित भुगतान के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
बैठक में वर्षों से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना पर संबंधित राज्यों के बीच सहमति बनने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार भी व्यक्त किया गया।




