आपदा
राज्य में मूसलाधार बारिश का कहर: यमुनोत्री पैदल मार्ग धंसा, हाईवे बंद, कई इलाके जलमग्न।

संवादसूत्र देहरादून: उत्तराखंड में देर रात से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई जिलों में भूस्खलन, सड़क धंसने और जलभराव की घटनाओं से यातायात बाधित हो गया है, जबकि प्रशासन प्रभावित मार्गों को खोलने और हालात सामान्य करने में जुटा हुआ है।
उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री हाईवे और जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर हालात गंभीर हो गए हैं। राम मंदिर के पास यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से पैदल मार्ग का लगभग 30 मीटर हिस्सा धंस गया, जिससे आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। वहीं पाली गाड़ के पास हाईवे पर चट्टानी बोल्डर गिरने से यमुनोत्री से लौट रहे दो कांवड़ यात्री घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को हायर सेंटर रेफर किया गया है, जबकि कुछ अन्य यात्री बाल-बाल बच गए।
टिहरी जिले में लगातार बारिश के कारण मलबा और बोल्डर गिरने से नौ ग्रामीण संपर्क मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। इससे कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट के अनुसार रायपुर-कुमाल्डा-कद्दूखाल, घुत्तू-गंगी, गुल्लर-भगवासेरा, गुल्लर-नाई माथियाली, नरेंद्रनगर-रानीपोखरी, देवप्रयाग-गाजा-जाजल, लालपुल-भुत्सी, रानीचौरी-नकोट तथा दिवाड़ा-बांगोली-राजराजेश्वरी मंदिर मार्ग पर यातायात बाधित है। सभी मार्गों को खोलने के लिए विभागीय टीमें मौके पर काम कर रही हैं।
देहरादून जिले के डोईवाला-भानियावाला क्षेत्र में भी भारी बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। जौलीग्रांट के पास थानो वन रेंज का बरसाती खाला उफान पर आने से मलबा भानियावाला-ऋषिकेश राष्ट्रीय राजमार्ग पर जमा हो गया। नगर पालिका डोईवाला की टीम ने जेसीबी की मदद से पानी का बहाव मोड़ने का प्रयास किया।
वहीं देहरादून एयरपोर्ट के समीप चोर पुलिया क्षेत्र में बरसाती नाले का पानी कई घरों में घुस गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि हर साल भारी बारिश के दौरान इस क्षेत्र में जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है। बीती रात भी लोगों ने पूरी रात जागकर बिताई। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है और राहत कार्य जारी हैं।




